कड़ाके की ठंड में मासूम बच्चे स्कूल जाने को मजबूर, डीएम को देना चाहिए ध्यान – अधिवक्ता हर्षिका जायसवाल
लखनऊ। प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बावजूद स्कूलों का संचालन जारी है, जिससे छोटे-छोटे मासूम बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड और शीतलहर के बीच सुबह-सुबह स्कूल जाने को मजबूर बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता हर्षिका जायसवाल ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि “कड़ाके की ठंड में नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्कूल भेजना अमानवीय है। जिला मजिस्ट्रेट को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और बच्चों के हित में उचित निर्णय लेना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि ठंड से बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है, बावजूद इसके स्कूलों को बंद करने या समय में बदलाव को लेकर कोई ठोस आदेश नहीं दिए गए हैं। अभिभावकों में भी इसको लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है।
अधिवक्ता हर्षिका जायसवाल ने प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक व पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं के लिए अवकाश घोषित किया जाए या स्कूल समय में बदलाव किया जाए, ताकि मासूम बच्चों की सेहत से कोई खिलवाड़ न हो।
एडिटर - आदर्श शुक्ला
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